HINDI POEM ''मैं भी पढ़ने जाऊँगी'' FOR CHILDREN
मैं भी पढ़ने
जाऊँगी
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मम्मी मुझको भी ला
दो पुस्तक,
मैं भी पढ़ने
जाऊँगी.
भैया के संग
जाऊँगी और,
संग भैया के
ही आऊँगी.
खूब पढूँगी मन लगाकर,
शोर नहीं मचाऊँगी.
कविताएं रट-रटकर
मैं,
रोज तुम्हें सुनाऊँगी.
अपने स्कूल की सारी
बातें,
मैं तुमको बतलाऊँगी.
अ आ इ
ई उ ऊ लिखना,
तब तुमको भी सिखलाऊँगी.
खूब पढूँगी-खूब पढूँगी,
नाम खूब कमाऊँगी.
देखना माँ एक
दिन मैं भी,
देश का मान
बढ़ाऊँगी.
ये सब तब
ही होगा हे
माँ !
जब पढ़ने मैं जाऊँगी.
इसीलिए कहती हूँ
तुमसे -
मैं भी पढ़ने
जाऊँगी.
Copyright © सतीश
रावत
20/03/2001गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; पौड़ी गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; चमोली गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; रुद्रप्रयाग गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; टिहरी गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; उत्तरकाशी गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; देहरादून गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; हरिद्वार गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; Ghazals from Garhwal, Ghazals from Uttarakhand; Ghazals from Himalaya; Ghazals from North India; Ghazals from South Asia, Couplets in Garhwali, Couplets in Himalayan languages , Couplets from north India, Hindi Poems. Hindi Children Poems.

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