GARHWALI POEM ''एक कोशिश'' BY SATISH RAWAT
एक कोशिश
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नि चल सकदो क्वी
म्यारा
अरऽ क्वी तुमऽरा
अनुसार,
जीवन मऽ अगना
बढ़णऽ कु
कभि जीत तऽ
कभि स्वीकार
भी करण पोड़दी हार
जीवन मऽ कखि-न-कखि,
कबि-न-कबि
करण ही पोड़दू
समझौता;
एक कोशिश करिकि
देखद्याँ
कि मि चलु तुमऽरा
अरऽ तुम चलऽ
म्यारा अनुसार.
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सतीश रावत
27/08/2016
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