HINDI POEM ''शब्द तुम हो ?'' BY SATISH RAWAT
शब्द तुम हो ?
------------शब्द का व्यक्तित्व क्या है ?
अर्थ का अस्तित्व क्या है ?
निहित है वह कौन शक्ति,
सशक्त जिससे ये हुआ है ?
रक्त बहता है किसका
इसकी पतली धमनियों में ?कौन है
यह अक्षुण्ण ?
क्या विश्व का है
प्रणेता ?
मौन का रहस्य क्या है ?
अर्थ का आभास क्या ?
आकार ही
व्यक्तित्व है तो
अर्थ का
आकार क्या है ?
स्वर्ग के दर्शन कराता
प्रभु से परिचय कराता
तन्वी भावनाएं जगाता ,
व्यक्तित्व अपना बताने को
निर्जन वन में छोड़ जाता
मौन, मौन, मौन रहकर.
कौन है यह रस सिन्धु !
जो कर देता है उत्साहित सोचने बस, सोचने को
क्या रूप है,
यह तुम्हारा ?
आज बस,
इतना बता दो !
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© सतीश रावत
03/03/2001गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; पौड़ी गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; चमोली गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; रुद्रप्रयाग गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; टिहरी गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; उत्तरकाशी गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; देहरादून गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; हरिद्वार गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; Ghazals from Garhwal, Ghazals from Uttarakhand; Ghazals from Himalaya; Ghazals from North India; Ghazals from South Asia, Couplets in Garhwali, Couplets in Himalayan languages , Couplets from north India, Hindi Poems.

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