TERCET-THREE LINES GARHWALI POEMS (31-35)
---31---
म्यारु कसूर इत्गा ही राई
आँसू, आँख्यूँ मा हि समै गेन
दुनिया नs निष्ठुर बोलि द्यायी
© सतीश रावत
30/07/2016
म्यारु कसूर इत्गा ही राई
आँसू, आँख्यूँ मा हि समै गेन
दुनिया नs निष्ठुर बोलि द्यायी
© सतीश रावत
30/07/2016
---32---
दानि आँखि
छुटा-छुटा सुपन्या
बड़ा-बड़ा मनख्यौं, सच करि द्यावा
Copyright © सतीश रावत
30/07/2016
दानि आँखि
छुटा-छुटा सुपन्या
बड़ा-बड़ा मनख्यौं, सच करि द्यावा
Copyright © सतीश रावत
30/07/2016
---33---
बैख बण गेन मूसा
जनना बिरळा बण गेन
दूधs कि पत्यलि अब न लुकैन
Copyright © सतीश रावत
30/07/2016
बैख बण गेन मूसा
जनना बिरळा बण गेन
दूधs कि पत्यलि अब न लुकैन
Copyright © सतीश रावत
30/07/2016
---34---
त्वा ! य कन दिखावटी दुनिया
होटल मs लुटेकि टिप देकि आणा छन
रेड़ि वळा दगड़ भुज्जि मुल्याणा छन
Copyright © सतीश रावत
31/07/2016
---35---
दीणै तs शिक्षा, रोजगार द्यावा
नना-नौना-बाळा नि रै ग्याँ हम
टॉफी, लैमचूस, खिलौणा नि पकड़ावा
Copyright © सतीश रावत
31/07/2016
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