TERCET-THREE LINES GARHWALI POEMS (41-45)
---41---
घ्यू की माणी
आाँख्यूँ मs पाणी
मनख्यूँ कु अकाळ
Copyright © सतीश रावत
02/08/2016
घ्यू की माणी
आाँख्यूँ मs पाणी
मनख्यूँ कु अकाळ
Copyright © सतीश रावत
02/08/2016
---42---
खड़-खुड़ु बाटु
बाँजु माटु
रिबड्याँ लोग
Copyright © सतीश रावत
02/08/2016
खड़-खुड़ु बाटु
बाँजु माटु
रिबड्याँ लोग
Copyright © सतीश रावत
02/08/2016
---43---
कुछ रिश्ता होंदन खून का रिश्तौं से बड़ा
कु कन समझsद
अपणि-अपणि सोच छ
Copyright © सतीश रावत
03/08/2016
कुछ रिश्ता होंदन खून का रिश्तौं से बड़ा
कु कन समझsद
अपणि-अपणि सोच छ
Copyright © सतीश रावत
03/08/2016
---44---
बौगदा पाणी कख तक जैली
बरखा बणि कि तू मेम ही ऐली
जन्म-भूमि थैं कन बिसरैली
Copyright © सतीश रावत
03/08/2016
बौगदा पाणी कख तक जैली
बरखा बणि कि तू मेम ही ऐली
जन्म-भूमि थैं कन बिसरैली
Copyright © सतीश रावत
03/08/2016
---45---
अगोळ तिमला अब नि जमावा
नया जमsना थै तुम ठगै नि सकदा
नयी पौध अब रोपि द्यावा
Copyright © सतीश रावत
04/08/2016
अगोळ तिमला अब नि जमावा
नया जमsना थै तुम ठगै नि सकदा
नयी पौध अब रोपि द्यावा
Copyright © सतीश रावत
04/08/2016
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