GARHWALI HAIKU (26-30)
-26-
सुबेरैऽ हवा
कौंपणा छन फूल
पुतळ्यूँ जन
-27-
स्वाणि जिंदगी
मनख्यूँ तैं खुज्याँद
लोभ ठगाँद
सुबेरैऽ हवा
कौंपणा छन फूल
पुतळ्यूँ जन
Copyright © सतीश रावत
03/03/2018स्वाणि जिंदगी
मनख्यूँ तैं खुज्याँद
लोभ ठगाँद
Copyright © सतीश रावत
10/03/2018
-28-
लुकी दिखणू डाँडा भटि कि घाम
ऊँसैऽ बूँदू तैं
Copyright © सतीश
रावत
12/03/2018
-29-
अछळे ग्याई घाम तैं चोळि पर
दया ऐ ग्याई
Copyright © सतीश
रावत
12/03/2018
-30-
स्वाणि सुबेर गुण-मुण संगीत
देळि मा फूल
Copyright © सतीश
रावत
14/03/2018 गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; पौड़ी गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; चमोली गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; रुद्रप्रयाग गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; टिहरी गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; उत्तरकाशी गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; देहरादून गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; हरिद्वार गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; Ghazals from Garhwal, Ghazals from Uttarakhand; Ghazals from Himalaya; Ghazals from North India; Ghazals from South Asia, Couplets in Garhwali, Couplets in Himalayan languages , Couplets from north India, Garhwali Haiku.
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