गढ़वळि कविता, -41- अपणा, सतीश रावत

-41-
अपणा 
------- 
द्वी बचन प्यार का, अपणौं दगड़ ब्वाला त सही; 
हळ्कु ह्वे जालु प्राण भौत, मन कि गेड़ ख्वाला त सही. 

टुट्याँ धागौं तैं जोड़ी, रिश्तौं कि माळा गंठ्यावा त सही; 
गेड़ लुकि जालि सबि, फूलूँ मा रस खुज्यावा त सही. 

खुट्यूँ मा खुटि धैरी बैठ्याँ नि रावा, बुरयूँ दगड़ लाड़ा त सही; 
ताकतवर त तुम बि छाँ, यीं ताकत तैं जरा पाढ़ा त सही. 

मि, मि अर मि भौत ह्वे ग्या, ये मि तैं अब त्वाड़ा त सही; 
ताकत त हम मा हि होंद, इतिहास जना धौंण म्वाड़ा त सही. 

दम घुटे जालु बुरऽयूँ कु एक दिन, अँध्यरा उबुर यूँ तैं ग्वाड़ा त सही. 
जिंदगी स्वाणि ह्वे जालि एक दिन, नखरि आदतूँ तैं छ्वाड़ा त सही. 

घौर क्या सुंदर संसार बण जालु, छपछपि ढुंग्यूँ तैं सारा त सही, 
जितणौं त सर्या दुनिया पुड़ी छ, अपणौं दगड़ एक दाँ हारा त सही. 

Copyright © सतीश रावत 
06/01/2018 

Tags for Poems, Garhwali - गढ़वळि कविता, गढ़वाली कविताएं, Garhwali Poems, सतीश रावत, Satish Rawat, सतीश रावत कि कविता, सतीश रावत की कविताएं, Poems of Satish Rawat, सतीश रावत कि गढ़वळि कविता, सतीश रावत की गढ़वाली कविताएं, Garhwali Poems of Satish Rawat, सतीश रावत, नौड़ियाल गाँव, कफोलस्यूं, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड, भारत, Satish Rawat, Nauriyal Gaon, Kapholsyun, Pauri Garhwal, Uttarakhand, India, गढ़वळि साहित्य, गढ़वाली साहित्य, Garhwali Literature, गढ़वळि साहित्य कवि, गढ़वळि साहित्य कवि, Garhwali Literature Poets, गढ़वळि साहित्य लेखक, गढ़वाली साहित्य लेखक, Garhwali Literature Writers, गढ़वळि कवि, गढ़वाली कवि, Garhwali Poets, गढ़वळि लेखक, गढ़वाली लेखक, Garhwali Writers, गढ़वळि भाषा, गढ़वाली भाषा, Garhwali Language.


Comments

Popular posts from this blog

GARHWALI POEM ''निंदि-बाळि'' FOR CHILDREN

HINDI POEM ''कितनी बार''

GARHWALI POEM ''धाद''

गढ़वळि कविता -8- ''छुटु बाटु'' सतीश रावत, 14/08/2016

गढ़वाली भाषा से हिंदी भाषा में अनूदित कहानियां

GARHWALI POEM ''जिंदगी''

GARHWALI POEM ''विकासैऽ बारि''

HINDI POEM ''नयी सुबह''

GARHWALI POEM ''मनखीऽ खोज''

HINDI POEM ''प्यासी अँखियाँ''